Saturday, 29 March 2014

REVOLUTION IN EDUCATION : गैस्म--एक शिक्षा क्रांति



   
गैस्म —एक शिक्षा क्रांति 

हमें हमारे देश में
शिक्षा-क्रांति लानी है
गाँव-गाँव, कसबा-शहर
ज्ञान-ज्योत जलानी है.


अस्त्र नहीं, सशस्त्र नहीं   
यह सशब्द क्रांति है
न विद्रोह, न विघटन
न भ्रंश, न भ्रांति है;
राष्ट्र-आत्मा की यह
‘आवाज़’ तो केवल
सृजन-संयम-शांति है.

हमें हमारे देश में
शिक्षा-क्रान्ति लानी है
गाँव-गाँव, कसबा-शहर
राष्ट्र-चेतना जगानी है.

कलम ‘क्रान्ति’ का शस्त्र है.
सत्य, सौन्दर्य और सुरुचि
का कर दे जो प्रतिपालन;      
कला, चित्रकला, चलचित्रकला
इस क्रांति के अमोघ अस्त्र हैं.
  
नहीं हुये हैं जो शून्य
कर्मठ, क्रिया-शक्ति से
समाज-चेतना जिनकी  
रग-रग में दौड़ती है,
लेखक हो या पाठक
साधु हो या साधक  
शिक्षक हो या शिक्षार्थी,
कलाकार हो या ‘कलार्थी’
सकल समाज के वे सच्चे
प्रणेता हैं और प्रहरी हैं;
मर्म जानते हैं जो मानवीयता का
वो ही सच्चे ‘शिक्षा-क्रांतिकारी’ हैं.

हमें हमारे देश में
कर्मठ-कलम-क्रांति लानी है
गाँव-गाँव, कसबा-शहर
राष्ट्र-चेतना जगानी है.


                                —सत्यन

 
   

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