Monday, 5 October 2015

स्वच्छता एक जीवन मूल्य है । हमारे देश से इस मूल्य का क्षरण होना, हमारी शिक्षा की संस्थागत खामियों को उजागर करता है । स्वच्छता को शिक्षा का अभिन्न अंग बनाएं बगैर, हम सम्पूर्ण स्वच्छता के लक्ष्य को कभी हासिल नहीं कर सकते। हम में से प्रत्येक शिक्षक का नैतिक कर्तव्य बनता है कि बच्चों में इस मूल्य के विकास के लिए सदैव प्रयासरत रहे ।

शिक्षा क्रांति राज़कीय उच्च विद्यालय शमरोड़ (नौणी), सोलन के विद्यार्थियों को स्वच्छताग्रह का पाठ पढ़ाते हुए । We express our special gratitude to the head of the department, Mrs. Poonam Kalta for her ready cooperation in this regard.

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